धरुहेरा में बनेगा (आरआरटीएस) कॉरिडोर का डिपो

आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए मिट्टी की जांच का काम महाराणा प्रताप चौक से शुरू हो गया है। इसके बनने से लोगों को आवागमन में आसानी होगी और प्रदूषण भी घटेगा। – केसी शर्मा, प्रॉजेक्ट कोऑर्डिनेटर, जीएमडीए
पहले फेज में दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी कॉरिडोर बनाया जाएगा। दूसरे फेज में एसएनबी से सोतानाला और तीसरे फेज में एसएनबी अर्बन कॉम्प्लेक्स से अलवर तक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
3 फेज में होगा निर्माण
70 मिनट में तय होगा दिल्ली के सराय काले खां से सफर
2600 करोड़ रुपये खर्च होंगे एसएनबी कॉरिडोर पर
106किमी लंबा होगा दिल्ली-गुड़गांव, एसएनबी कॉरिडोर

उद्घाटन के दौरान कई अधिकारी रहे मौजूद• एनबीटी न्यूज, गुड़गांव

नैशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) का रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर अब कागजों से जमीन पर उतर चुका है। कार्य करने वाली कंपनी ने शनिवार को महाराणा प्रताप चौक से मिट्टी की जांच (जियो टेक्निकल इंवेस्टिगेशन) का काम शुरू कर दिया। इसके बाद एनसीआरटीसी को यह कंपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि फाउंडेशन को कितना गहरा बनाया जाए। प्रॉजेक्ट पर करीब 2600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। हाई स्पीड रेल से दिल्ली के सराय काले खां से लेकर एसएनबी तक की दूरी करीब 70 मिनट में तय हो जाएगी।
कंपनी हर महीने एनसीआरटीसी को लोकेशन के साथ मिट्टी की टेस्ट की रिपोर्ट सौंपती रहेगी। इसके साथ ही इस प्रॉजेक्ट पर फाउंडेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह जांच करीब 106 किमी लंबाई के दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी (शाहजहांपुर-निमराना-बहरोड़) कॉरिडोर को लेकर शुरू की गई है। इस मौके पर एनसीआरटीसी के जीजीएम दानेश गुप्ता, सीपीएम वीके जैन के अलावा जीएमडीए के प्रॉजेक्ट कॉर्डिनेटर केसी शर्मा और जीआईएस हेड सुलतान सिंह मौजूद थे। पिछले साल 6 नवंबर को एनसीआरटीसी बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें इसकी डीपीआर को फाइनल किया गया था।

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